श्री आदि महावीर दिगंबर जैन मंदिर जी
पाड़वा नगर का गौरव। आस्था, प्राचीन संस्कार और असीम शांति के इस पवित्र डिजिटल प्रांगण में आपका हार्दिक स्वागत है।
जय जिनेन्द्र
प्राचीन विरासत, भव्य स्वरूप:
श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर, पाड़वा
राजस्थान के वागड़ अंचल में स्थित पाड़वा गाँव की सदियों पुरानी अतिशयकारी प्रतिमाओं ने अब एक नूतन और भव्य शिखरबद्ध जिनालय का रूप लिया है। प्राचीनता की शक्ति और नवीन स्थापत्य की दिव्यता का संगम।
श्रेय सागरजी महाराज
पाड़वा की धरा के सुपुत्र। मुनि दीक्षा के मात्र ११ दिनों में आचार्य पद — जैन परंपरा में अत्यंत दुर्लभ संयोग।
मंदिर की प्रमुख सेवाएं
फोटो गैलरी
मंदिर के सुंदर चित्र, कार्यक्रमों की झलकियाँ और ऐतिहासिक तस्वीरें
वीडियो गैलरी
धार्मिक कार्यक्रमों, उत्सवों और विशेष अवसरों के वीडियो
सीधा प्रसारण
मंदिर की आरती और पूजा के वीडियो रिकॉर्डिंग देखें
संपर्क करें
मंदिर समिति से जुड़ने और किसी भी जानकारी हेतु संपर्क करें
सदियों पुरानी आस्था का जीवंत केंद्र
पाड़वा का यह दिगंबर जैन मंदिर सदियों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। वर्ष 2025 में संपन्न हुए भव्य जीर्णोद्धार के पश्चात, अब यह मंदिर अपने विशाल शिखर, नक्काशीदार स्तंभों और दिव्य आभा के साथ जैन संस्कृति के गौरव को पुनर्परिभाषित कर रहा है।
शताब्दियों पुरानी चमत्कारी प्रतिमाओं की ऊर्जा और नवनिर्मित शिखरबद्ध जिनालय की भव्यता। जहाँ आदिनाथ प्रभु की प्राचीन विरासत और महावीर स्वामी का नूतन स्वरूप एक साथ दर्शन देते हैं।
जहाँ हर पत्थर में बसी है भगवान महावीर की अहिंसा, जहाँ हर कोने से गूँजती है शांति की अनुभूति — यह मंदिर सिर्फ एक स्थल नहीं, एक अनुभव है।
पाड़वा गाँव का परिचय
पाड़वा, राजस्थान के डूंगरपुर जिले में स्थित एक सुंदर गाँव है, जो हरे-भरे पहाड़ों से घिरा हुआ है। पाड़वा, डूंगरपुर शहर से लगभग 42 km, सागवाड़ा से लगभग 15 km व उदयपुर से लगभग 120 km दूर है, और यहाँ सड़क मार्ग से आसानी से पहुँचा जा सकता है। यह गाँव से नजदीकी डूंगरपुर जिल्हास्तरीय रेल्वे स्टेशन है और हवाई यातायात dabok airport और अहमदाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट है
पाड़वा गाँव और जैन धर्म
पाड़वा की शांति और धार्मिकता गाँव को विशेष बनाती है। पाड़वा में दो प्रमुख जैन मंदिर हैं, जो तीर्थंकर आदिनाथ और संभवनाथ को समर्पित हैं।
पुराने आदिनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार होकर अब नवीन श्री महावीर स्वामी जिन मंदिर का निर्माण हुआ है। मानो ऐसा लगता है, नवीन जिन मंदिर में प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ से लेकर वर्तमान तीर्थंकर श्री महावीर स्वामी सभी 24 तीर्थंकरों का समावेश है जो अपने आप में एक विशेष संजोग है।
गाँव की प्राकृतिक सुंदरता और इन मंदिरों की आध्यात्मिकता मिलकर एक अनोखा अनुभव प्रदान करते हैं, जो यहाँ आने वालों को शांति और संतोष का एहसास कराते हैं। विशेषकर पर्युषण महापर्व, महावीर जयंती व रथोत्सव के दौरान यह स्थान धार्मिक उमंग से भर जाता है।
नवीन जिनालय गांव के बीचों बिच स्थित है जहा पर आस पास शंकरजी व हनुमानजी का मन्दिर है । इसे आदीनाथ या होलीचौक भी कहा जाता है जहा भक्तो का हमेशा ताता लगा रहता है और सभी समाज के लोग आपसी प्रेम और सौहार्द से रहते है ।
पाड़वा गाँव और संतों का आशीर्वाद
पाड़वा की धरा पर कई संतों ने जन्म लेकर जिनशासन का परचम लहराया इसलिए इसे धर्म नगरी भी कहा जाता है!
इस धरा से बाल ब्रह्मचारी आचार्य श्रेयसागरजी, आर्यिका श्रेयमति माताजी ने जन्म लिया है, जो वर्तमान में समाधि रत्न आचार्य वासुपूज्य सागरजी के संघ निर्वाहक हैं!
संत :
मुनि श्री अमूल्य सागरजी (गृहस्थ नाम खेमराजजी विरदावत),
मुनि श्री अनमोल सागरजी (गृहस्थ नाम शंकरलालजी पगारिया),
मुनि श्री विश्वास सागरजी (गृहस्थ नाम हीरालालजी जोदावत),
माताजी रिद्धिमतीजी (गृहस्थ नाम मेवाबाई नाथूलालजी विरदावत)
माताजी श्रेयांशमती माताजी (गृहस्थ नाम कमाला बाई विरदावत)
शुल्लिका : श्रवण मतीजी (गृहस्थ नाम भूरी बाई)
बाल ब्रह्मचारी : शांताबेन व हरिप्रिया दीदी ने भी इस धरा पर जन्म लेकर इसे सुशोभित किया है!
भक्ति की अविरल धारा
मंगला आरती: प्रातः 6:00 AM (प्राचीन वैभव के साथ दिन की शुरुआत)
अभिषेक एवं शांतिधारा: प्रातः 7:30 AM (प्राचीन एवं नूतन प्रतिमाओं का पावन अभिषेक)
मध्याह्न पूजा: दोपहर 12:00 PM
संध्या भक्ति आरती: सायं 7:00 PM
आगमन मार्गदर्शिका
पाड़वा तीर्थ की पावन धरा पर आपका स्वागत है
हवाई मार्ग
महाराणा प्रताप एयरपोर्ट (उदयपुर) से 117 किमी। सुगम टैक्सी एवं बस सुविधा उपलब्ध।
रेल मार्ग
डूंगरपुर (35 किमी) एवं उदयपुर स्टेशन से सीधा संपर्क।
सड़क मार्ग
उदयपुर-बांसवाड़ा हाईवे पर स्थित। निजी वाहनों हेतु सुरक्षित एवं सुगम मार्ग।
शहरों से दूरी
Loading Instagram Feed...
भव्य चातुर्मास 2026
परम पूज्य आचार्य श्री १०८ श्रेय सागर जी महाराज
अत्यंत हर्ष और उल्लास के साथ सूचित किया जाता है कि इस वर्ष का मंगल चातुर्मास ससंघ हमारे श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर जी, पाड़वा में संपन्न होने जा रहा है। आप सभी सपरिवार पधारकर धर्मलाभ लें।
DSTERIK
Engineering high-performance digital experiences.